13 मार्च 2019 - 16:47
ईरानी राष्ट्रपति के इराक़ दौरे की राजनैतिक व आर्थिक नज़र से अहमियत

ईरानी राष्ट्रपति के इराक़ के 3 दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर दोनों देशों के संयुक्त बयान में आपसी संबंधों में विस्तार पर बल दिया गया है।

इस बयान में आया है कि यह दौरा दो देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों में गहराई और ईरान-इराक़ के बीच रणनैतिक सहयोग के लिए निर्णायक मोड़ को दर्शाता है।

ईरान-इराक़ के अधिकारियों ने इस दौरे पर तेल, व्यापार, स्वास्थय, रेल परिवहन और व्यापारियों व पूंजिपतियों के लिए वीज़े में सहूलत के सहमति पत्र पर दस्तख़त किए। इसी तरह व्यापार के क्षेत्र में लेन-देन बढ़ाना और दोनों देशों के बीच पर्यटन व स्वास्थय पर्यटन के मद्देनज़र नागरिकों के लिए वीज़े में सहूलत के विषय पर भी दोनों देशों के बीच सहमति हुयी। इसी तरह दोनों देशों के बीच नए सीमावर्ती पास बनाए जाने, संयुक्त औद्योगिक कॉलोनियों के निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर माल ख़ाली किए बिना एक दूसरे के यहां सीधे माल पहुंचाने पर भी दोनों देशों के अधिकारियों ने बल दिया।

राजनैतिक टीकाकार हसन हानी ज़ादे का कहना है कि हालिया वर्षों में अमरीकियों ने ईरान-इराक़ संबंधों में हस्तक्षेप करने की बहुत कोशिश की ताकि दोनों देशों के बीच निचले स्तर पर संबंध रहे। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच संयुक्त बिन्दुओं और इराक़ के भीतर कुछ राजनैतिक धड़ों की मौजूदगी से अमरीका अपने लक्ष्य में सफल नहीं हो सका और अब दोनों देश आपसी लेन-देन को 12 अरब डॉलर से 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने की कोशिश में हैं।

जिन दिनों इराक़ आतंकवादी गुट दाइश से संघर्ष कर रहा था, ईरान ने इराक़ी राष्ट्र का पूरा साथ दिया और किसी भी मदद में तनिक भी संकोच से काम नहीं लिया। यही वजह है कि इराक़ी प्रधान मंत्री आदिल अब्दुल महदी ने दाइश के आतंक के ख़िलाफ़ ईरानी राष्ट्र व सरकार के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि इराक़ ईरान के साथ बहुआयामी संबंधों में विस्तार का संकल्प रखता है। इन सब बातों के मद्देनज़र, ईरानी राष्ट्रपति के इराक़ दौरे को दोनों दोस्त राष्ट्रों के बीच संबंधों का नया अध्याय खुलने का आरंभ मानना चाहिए